उत्तर प्रदेश तय करेगा देश का अगला पीएम कौन होगा' - आज की पांच बड़ी खबरें
बहुजन समाज पार्टी नेता मायावती ने मंगलवार को अपने 63वें जन्मदिन पर कहा कि देश का पीएम कौन होगा ये उत्तर प्रदेश तय करेगा.
इस मौके पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा, ''ऐसे वक़्त में मैं जन्मदिन मना रही हूं जब लोकसभा चुनाव क़रीब हैं. समाजवादी पार्टी के साथ हमारे गठबंधन से बीजेपी और अन्य दलों की नींद उड़ी हुई है. वैसे भी यही प्रदेश (उत्तर प्रदेश) तय करता है कि केंद्र में किसकी सरकार बनेगी और कौन प्रधानमंत्री बनेगा. इसे ध्यान में रखते हुए एसपी और बीएसपी के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि वे पुराने आपसी मतभेद भुला दें और अगले लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी गठबंधन की जीत सुनिश्चित करें. यही मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफ़ा होगा.''
पूर्व जज ने कॉलेजियम पर उठाए गंभीर सवाल, सिफ़ारिश को बताया 'ऐतिहासिक भूल'
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज कैलाश गंभीर ने जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट भेजने की कॉलेजियम की सिफारिश का विरोध किया है.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे पत्र में जस्टिस गंभीर ने 32 वरिष्ठ जजों की अनदेखी करने वाली सिफारिश को ग़लत बताया है.
उन्होंने कहा है कि डेढ़ महीने पहले पिछले कॉलेजियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस माहेश्वरी की वरिष्ठता की अनदेखी की थी, अब अचानक उन्हें सही पाते हुए उनकी सिफारिश की गई है.
जस्टिस गंभीर ने लिखा है, "दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना दिवंगत जस्टिस एचआर खन्ना के भतीजे हैं. आपातकाल के वक़्त सरकार को असीमित अधिकार पर मुहर लागने वाले चार न्यायाधीशों के बहुमत के फ़ैसले से जस्टिस एचआर खन्ना में असहमति जताई थी."
"अब जस्टिस संजीव के नाम की सिफारिश उनके ताऊ के फ़ैसले को श्रद्धांजलि है. अगर 32 वरिष्ठ जजों की अनदेखी कर जस्टिस संजीव को जज बनाया गया तो यह न्यायायिक इतिहास का काला दिन होगा."
कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल यानि कैग ने रफ़ाल विमान डील के ऑडिट से जुड़ी किसी तरह की जानकारी साझा करने से इंकार किया है.
पुणे के आरटीआई कार्यकर्ता विहार दुर्वे ने कैग से एक आरटीआई में इस डील के ऑडिट की जानकारी मांगी थी. इस आरटीआई के जवाब में कैग ने कहा, ''इस डील की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है. इससे जुड़ी जानकारी साझा करना संसद के विशेषाधिकार का हनन होगा. ये जानकारी आरटीआई एक्ट के सेक्शन 8(1)(C) के तहत साझा नहीं की जा सकती.''
आरटीआई एक्ट के सेक्शन 8(1)(C) के तहत उन जानकारियों को साझा नहीं करने की छूट होती है तो संसद के विशेषाधिकार का हनन करते हैं.
सीबीआई निदेशक की नियुक्ति ग़ैरकानूनीः खड़गे
आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद से हटाने और एम नागेश्वर राव के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'ग़ैरकानूनी' करार दिया है.
उन्होंने सरकार से केंद्रीय सतर्कता आयोग और रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की रिपोर्ट और 10 जनवरी को कमिटी की हुई बैठक का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एजेंसी के नए प्रमुख की नियुक्ति के लिए तुरंत चयन समिति की बैठक बुलाने की मांग की है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार 'स्वतंत्र' निदेशक नहीं चाहती है.
सुप्रीम कोर्ट से बहाल होने के दो दिन बाद ही प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली समिति ने आलोक वर्मा को पद से हटा दिया था.
'बंदूक रखने के कानून में छूट मिले'
ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ेयर बोलसोनारो ने कहा है कि बंदूक रखने के कानून में छूट देने से देश के अच्छे लोगों को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे देश में बढ़ते अपराध को कम किया जा सकेगा.
इस मौके पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा, ''ऐसे वक़्त में मैं जन्मदिन मना रही हूं जब लोकसभा चुनाव क़रीब हैं. समाजवादी पार्टी के साथ हमारे गठबंधन से बीजेपी और अन्य दलों की नींद उड़ी हुई है. वैसे भी यही प्रदेश (उत्तर प्रदेश) तय करता है कि केंद्र में किसकी सरकार बनेगी और कौन प्रधानमंत्री बनेगा. इसे ध्यान में रखते हुए एसपी और बीएसपी के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि वे पुराने आपसी मतभेद भुला दें और अगले लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी गठबंधन की जीत सुनिश्चित करें. यही मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफ़ा होगा.''
पूर्व जज ने कॉलेजियम पर उठाए गंभीर सवाल, सिफ़ारिश को बताया 'ऐतिहासिक भूल'
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज कैलाश गंभीर ने जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट भेजने की कॉलेजियम की सिफारिश का विरोध किया है.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे पत्र में जस्टिस गंभीर ने 32 वरिष्ठ जजों की अनदेखी करने वाली सिफारिश को ग़लत बताया है.
उन्होंने कहा है कि डेढ़ महीने पहले पिछले कॉलेजियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस माहेश्वरी की वरिष्ठता की अनदेखी की थी, अब अचानक उन्हें सही पाते हुए उनकी सिफारिश की गई है.
जस्टिस गंभीर ने लिखा है, "दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना दिवंगत जस्टिस एचआर खन्ना के भतीजे हैं. आपातकाल के वक़्त सरकार को असीमित अधिकार पर मुहर लागने वाले चार न्यायाधीशों के बहुमत के फ़ैसले से जस्टिस एचआर खन्ना में असहमति जताई थी."
"अब जस्टिस संजीव के नाम की सिफारिश उनके ताऊ के फ़ैसले को श्रद्धांजलि है. अगर 32 वरिष्ठ जजों की अनदेखी कर जस्टिस संजीव को जज बनाया गया तो यह न्यायायिक इतिहास का काला दिन होगा."
कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल यानि कैग ने रफ़ाल विमान डील के ऑडिट से जुड़ी किसी तरह की जानकारी साझा करने से इंकार किया है.
पुणे के आरटीआई कार्यकर्ता विहार दुर्वे ने कैग से एक आरटीआई में इस डील के ऑडिट की जानकारी मांगी थी. इस आरटीआई के जवाब में कैग ने कहा, ''इस डील की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है. इससे जुड़ी जानकारी साझा करना संसद के विशेषाधिकार का हनन होगा. ये जानकारी आरटीआई एक्ट के सेक्शन 8(1)(C) के तहत साझा नहीं की जा सकती.''
आरटीआई एक्ट के सेक्शन 8(1)(C) के तहत उन जानकारियों को साझा नहीं करने की छूट होती है तो संसद के विशेषाधिकार का हनन करते हैं.
सीबीआई निदेशक की नियुक्ति ग़ैरकानूनीः खड़गे
आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद से हटाने और एम नागेश्वर राव के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'ग़ैरकानूनी' करार दिया है.
उन्होंने सरकार से केंद्रीय सतर्कता आयोग और रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की रिपोर्ट और 10 जनवरी को कमिटी की हुई बैठक का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एजेंसी के नए प्रमुख की नियुक्ति के लिए तुरंत चयन समिति की बैठक बुलाने की मांग की है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार 'स्वतंत्र' निदेशक नहीं चाहती है.
सुप्रीम कोर्ट से बहाल होने के दो दिन बाद ही प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली समिति ने आलोक वर्मा को पद से हटा दिया था.
'बंदूक रखने के कानून में छूट मिले'
ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ेयर बोलसोनारो ने कहा है कि बंदूक रखने के कानून में छूट देने से देश के अच्छे लोगों को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे देश में बढ़ते अपराध को कम किया जा सकेगा.
Comments
Post a Comment