भारत के सामने टी-20 रिकॉर्ड बदलने की चुनौती

भारतीय क्रिकेट टीम के सामने बुधवार से न्यूज़ीलैंड में एक नया इतिहास रचने की चुनौती है.

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ में जीत का जलवा दिखाने के बाद भारतीय टीम के सामने ट्वेंटी-20 सिरीज़ में यही कमाल दोहराने का मौक़ा है.

भारत ने पांच मैचों की वनडे सिरीज़ 4-1 के बड़े अंतर से अपने नाम की थी. दूसरी तरफ़ हार से निराश न्यूज़ीलैंड की टीम पलटवार की कोशिश करेगी.

भारत ने न्यूज़ीलैंड में अब तक केवल एक बार साल 2009 में दो मैचों की टी-20 सिरीज़ खेली थी. तब न्यूज़ीलैंड ने भारत को दोनों मैचों में मात देकर 2-0 से सिरीज़ जीती थी.

उस सिरीज़ में न्यूज़ीलैंड की जीत में अहम रोल निभाने वाले ब्रैंडन मैक्कलम जैसे खिलाड़ी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं.

भारतीय टीम की सूरत भी काफ़ी बदल गई है. टीम इंडिया को आख़िरी दो वनडे मैचों में नियमित कप्तान विराट कोहली की कमी काफ़ी खली. ट्वेंटी-20 सिरीज़ में भी विराट टीम के साथ नहीं हैं. हालांकि, तेज़तर्रार बल्लेबाज़ ऋषभ पंत के आने से मध्यक्रम को मज़बूती मिलेगी.

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बुधवार को पहला टी-20 मुक़ाबला वेलिंग्टन में खेला जाएगा. ग़ौरतलब ये है कि वेलिंग्टन में ही भारत के वर्तमान दौरे का सबसे ख़राब दौर निकला.

यहां खेले गए चौथे एकदिवसीय मैच में पूरी भारतीय टीम 30.5 ओवर में ही महज़ 92 रनों पर सिमट गई.

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांचवें वनडे में भी भारत का शुरुआती बल्लेबाज़ी क्रम मुश्किल में दिखा

लगातार दो मैचों में टॉप ऑर्डर के नाकाम होने से कप्तान रोहित शर्मा उतने बेफ़िक्र नही होंगे जितना शुरुआती तीन मुक़ाबले जीतने से भारत था. तब तक टीम की कमान विराट कोहली संभाल रहे थे.

दूसरी तरफ न्यूज़ीलैंड की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उसके बल्लेबाज़ों को शुरुआत तो अच्छी मिल रही है, लेकिन उसे कोई भी खिलाड़ी बड़ी पारी में नही बदल पा रहा है.

कप्तान केन विलियमसन, रोस टेलर, कोलिन मुनरो, मिचेल सैंटनर और जेम्स नीशाम सब 30 से 40 रन के भीतर आउट होते रहे.

लेकिन टी-20 क्रिकेट में तेज़ गति से बनाए गए इतने ही रन मैच का परिणाम तय कर देते हैं. न्यूज़ीलैंड को अपने तेज़ तर्रार सलामी बल्लेबाज़ मार्टिन गप्टिल की कमी खल सकती है.

न्यूज़ीलैंड के विकेट गेंदबाज़ों और बल्लेबाज़ों को समान रूप से रास आते है. भारतीय गेंदबाज़ों ने तो अपना दबदबा ख़ूब दिखाया है.

पांच मैचों की एकदिवसीय सिरीज़ में दोनों ही टीमों का कोई भी बल्लेबाज़ शतक नहीं जमा सका. हालांकि भारत के अंबाती रायडू 90 और न्यूज़ीलैंड के रोस टेलर 93 रन बनाकर शतक के पास ज़रूर पहुंचे.

टी-20 क्रिकेट में दोनों टीमें कैसा खेल दिखाएंगी इसका अंदाज़ा पहले मैच के बाद लगाना आसान होगा. वैसे यह देखना भी दिलचस्प होगा कि भारत के अंतिम 11 खिलाड़ियों में किस-किसको जगह मिलती है.

क्या शुभमन गिल को एकदिवसीय सिरीज़ में नाकाम रहने के बाद टी-20 में खेलने का मौक़ा मिलेगा. कुलदीप यादव या फिर युज़वेन्द्र चहल में से भारतीय टीम किस पर दांव लगाना चाहेगी?

बल्लेबाज़ी में तो कप्तान रोहित शर्मा के अलावा शिखर धवन, महेंद्र सिंह धोनी और अंबाती रायडू के अलावा हार्दिक पांड्या पर सबकी नज़र रहेगी ही.

ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक भी अपना दमख़म दिखाएंगे. हार्दिक पांड्या तो पिछले और आख़िरी एकदिवसीय मुक़ाबले में पांच छक्के और दो चौके सहित केवल 22 गेंदो पर 45 रन बनाकर टी-20 जैसा जलवा दिखा ही चुके हैं.

जो भी हो फ़टाफ़ट क्रिकेट की इस सिरीज़ पर भी बहुत कुछ दांव पर है. अगर भारत जीता तो विदेशी ज़मीन पर एक और सिरीज़ जीतने से उसकी वाह-वाही होगी और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. ख़ासकर विराट कोहली की ग़ैर-मौजूदगी में टीम की जीत के मायने कुछ और होते हैं.

वैसे भारत ने पिछली टी-20 सिरीज़ ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ खेली थी जो 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुई थी. लेकिन टी-20 में न्यूज़ीलैंड भारत पर अधिकतर भारी पड़ा है.

भारत ने आख़िरी बार न्यूज़ीलैंड को तीन मैचों की टी-20 सिरीज़ में अपने ही घर में खेलते हुए साल 2017 में 2-1 से हराया था.

जबकि इससे पहले खेले गए सभी टी-20 मुक़ाबले न्यूज़ीलैंड ने जीते. न्यूज़ीलैंड ने अभी तक खेले गए आठ में से छह टी-20 मुक़ाबले जीते हैं.

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